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इटावा: आसमान से बरसी ‘आफत’, बेमौसम बरसात ने उड़ाई अन्नदाता की नींद
इटावा: आसमान से बरसी 'आफत', बेमौसम बरसात ने उड़ाई अन्नदाता की नींद रिपोर्टर: बृजराज मीणा कोटा इटावा कोटा जिले के इटावा उपखंड के क्षेत्र आडागेला हरिनगर सहित आसपास के इलाकों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। सुबह करीब 5 बजे और दिन में 2:00 बारिश से ही आसमान में काली घटाएं छा गईं और तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। लगभग एक घंटे तक चली इस झमाझम बारिश ने जहां आमजन को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। तापमान में भारी गिरावट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया अलर्ट आज सुबह सही साबित हुआ। प्रदेश में हुए इस मौसमी बदलाव के कारण तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इटावा और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान गिरकर 22.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिससे वातावरण में हल्की ठिठुरन महसूस की जा रही है। किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी यह बेमौसम बरसात किसानों के लिए आफत बनकर बरसी है। वर्तमान में क्षेत्र के खेतों में चना और मेथी की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है। वहीं, अधिकांश किसानों ने अपनी सरसों की फसल काटकर खेतों में ढेर लगा रखे हैं। प्रमुख नुकसान की स्थितियां: भीगी फसलें: खेतों में कटी पड़ी चने और मेथी की फसलें पूरी तरह भीग गई हैं, जिससे उनके खराब होने का डर है। सरसों के ढेर: खुले में रखे सरसों के ढेरों में पानी भरने से दानों के काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। खलिहानों में जलभराव: एक घंटे की निरंतर बारिश से खलिहानों में पानी भर गया है, जिससे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना मुश्किल हो गया है।



