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हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उतरा सड़कों पर प्रधानमंत्री पर जमकर बरसे गुंजल जब कोई क्राइसिस नहीं तो एडवाइजरी जारी क्यों कि : गुंजल कोटा

हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उतरा सड़कों पर प्रधानमंत्री पर जमकर बरसे गुंजल जब कोई क्राइसिस नहीं तो एडवाइजरी जारी क्यों कि : गुंजल कोटा : कोटा सारा देश गैस की बड़ी हुई कीमतों और कालाबाजारी से त्रस्त है भारत सरकार व अंधभक्त कहते हैं कि कोई क्राइसिस नहीं है यह कांग्रेस का खड़ा किया हुआ प्रोपेगेंडा है तब आज मैं भारत सरकार से पूछता हूं कि जब कोई क्राइसिस नहीं है तो एडवाइजरी जारी क्यों की व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग बंद रहेगी, किसने एडवाइजरी जारी की की घरेलू सिलेंडर पच्चीस दिन से पहले नहीं मिलेगा। देश में दहशत हैं जिस तरह मोदी ने अमेरिका के सामने घुटने टेके हैं और इस पेंडेमिक से पहले वहां से आपने ट्रेड डील में गैस और पेट्रोल खरीदने का जो मसौदा तैयार किया है वह भारत को बीमित व ट्रांसपोर्टेशन में 8 से 10 गुना महंगा पड़ने वाला है। पहले ही ₹60 सिलेंडर पर आप बढ़ा चुके हैं आने वाले समय में 60 से 70 रुपए और बढ़ाने वाले हैं यह बात पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए कही।गुंजल ने कहा आज क्या परिस्थितियों हैं अमेरिका कहता है 30 दिन से ज्यादा की मोहलत नहीं, मोदी का कैरियर खराब नहीं करना चाहता, क्या मजबूरी है प्रधानमंत्री जी आपकी आपके इस लचार आचरण की वजह से भारत का आत्म सम्मान गिर रहा है। एपिस्टन फाइल में नाम आने के बाद मोदी मोनी बाबा बन गए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि हम बाद दावा करते हैं कि हम सनातन संस्कृति के लोग हैं। आदर्श हमारा जीवन है, हमारा चरित्र, हमारी परंपराएं, हमारी नैतिकता बहुत आदर्श हैं। हम पाश्चात्य संस्कृति के विपरीत हैं पाश्चात्य संस्कृति भोग की संस्कृति है, हमारे यहां की संस्कृति योग की संस्कृति है क्या उस योग की संस्कृति का नारा देने वाली पाठशाला में मोदी जी आपने यही शिक्षण प्राप्त किया। दुनिया के दूसरे राष्ट्रध्यक्ष, राजदूत व नेताओं का एपिस्टिन फाइल में नाम आया तो उनके देश में सवाल खड़े हो गए और उन्हें इस्तीफे देने पड़े और जब से आपका, हरदीप पूरी और दिया कुमारी जी का नाम आया है सरकार व भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व मोनी बाबा बन गया है। तो क्या भारत यह मान ले कि आप भारत को यह सहमति दे रहे हो कि आप गुनहगार हो यदि आप गुनहगार हो तो गुनहगारों को भारत के शासन में रहने का क्षण भर भी अधिकार नहीं है। कोटा की दुर्दशा पर बोले गुंजल प्रहलाद गुंजल ने कोटा में कोचिंग के बच्चों की कमी से हुई दुर्दशा पर बोलते हुए कहा कि पहले कोचिंग वालों से पार्टनरी मांगी गई जब कोचिंग निपट गई तो एक बड़ा कारखाना कोटा में आने वाला था पर जब उससे भी यहां के नेताओं ने 50% की पार्टनरी मांगी तो वह कारखाना भी यहां आने के बदले किसी दूसरे राज्य में चला गया। बिरला जी अखबारों में छपने और कोरी बयानबाजी करने के अलावा आपके पास संवेदनाएं नहीं है सरकार व कोटा में बैठे बड़े नेताओं की संवेदनाएं मर गई हैं। गुंजल ने कहा कि मैंने पिछली सभा में भी कहा था बेईमानों आपको शहर के व्यापार पर 50% हिस्सेदारी, कब्जा, डकैती व डाका डालने के लिए जनादेश नहीं दिया है मुंह छुपाने के लिए अपने बाउंड्री वालों का काम चालू करवा दिया मुख्यमंत्री जी आ रहे हैं कोटा बूंदी के सरकारी कर्मचारियों को सभा में आने को पाबंद करवा दिया 940 बसे लगाने के बाद भी 5000 लोग भी वहां नहीं पहुंचे । बिरला जी व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिलने से शहर की होटलें व मैस बंद हो रही हैं पहले ही कोटा में कोचिंग के बच्चे नहीं है जो है उन्हें भी खाने के लिए भटकना पड़ रहा है बिरला की जनता आपसे त्रस्त है, जनता ने आपसे मुंह मोड़ लिया है हवाई जहाज तो जब उड़ेगा जब उड़ जाएगा। कोटा की कोचिंग को तो नहीं बचा पाए, होटल हॉस्टल एवं मेस वालों को सिलेंडर उपलब्ध करवा दो ताकि बचे कुचे बच्चों को तो दो वक्त की रोटी आराम से मिल जाए। इससे पहले सुबह 10:00 बजे से ही गुंजल के नयापुरा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का जुटना प्रारंभ हो गया 11:00 बजे गुंजल हजारों कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में कलैक्ट्रेट के लिए रवाना हुए । हजारों की संख्या में एकत्रित कार्यकर्ता हाथों में गैस सिलेंडर की तख्तियां, झंडे बैनर लिए सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलैक्ट्रेट पहुंचे जहां रैली सभा में परिवर्तित हो गई ।

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